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संत शिरोमणी आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज - संयम स्वर्ण महोत्सव: गुणायतन की अनूठी पहल
गुणायतन परिवार वनाएगा देश भर में 108 कीर्ति स्तंभ, गुणायतन परिसर में वनेगा 108 फीट ऊँचा भव्य कीर्ति स्तंभ जिसमें होंगे 1008 जिनबिम्ब और गुणायतन परिसर के सम्मुख मधुवन मुख्य मार्ग पर होगा 51 फीट ऊँचा "आचार्य श्री विद्यासागर द्वार"...
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गुणायतन
Updation अद्यतन: दिनांक- 2018-05-12; वर्तमान स्थान- श्री दिग. जैन मंदिर, मुख्य डाकघर, सुभाषनगर, न्यु कॉलोनी, डूंगरपुर (राजस्थान); आहार चर्या- न्यु कॉलोनी, डूंगरपुर (राजस्थान); शंका समाधान कार्यक्रम- श्री दिग. जैन मंदिर, डूंगरपुर (राजस्थान)

जैन दर्शन में आत्मशक्तियों के विकास अथवा आत्मा से परमात्मा बनने की शिखर यात्रा के क्रमिक सोपानों को चौदह गुणस्थानों द्वारा बहुत सुंदर ढंग से विवेचित किया गया है. जैन दर्शन में जीव के आवेगों-संवेगों और मन-वचन-काय की प्रवत्तियों के निमित्त से अन्तरंग भावों में होने वाले उतार-चढ़ाव को गुणस्थानों द्वारा बताया जाता है. गुणस्थान जीव के भावों को मापने का पैमाना है. परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद एवं परम पूज्य मुनि श्री प्रमाणसागर जी महाराज की मंगल प्रेरणा से मधुबन, सम्मेदशिखरजी में निर्मित होने जा रहे, धर्मायतन "गुणायतन" में इन्हीं चौदह गुणस्थानों को "दृष्य-श्राव्य-रोबोटिक्स प्रस्तुति" के माध्यम से दर्शनार्थियों को समझाया जायेगा. परिसर में बनने वाले जिनालय, जैन स्थापत्य और कला के उत्कृष्ट उदाहरण होगें.

eMail: contact@gunayatan.org
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