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तीर्थराज श्री सम्मेदशिखर जी जैन धर्मावलम्बियों का शिरोमणि तीर्थ है, यहाँ देश विदेश से प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु/ पर्यटक आतें हैं, इस परम पूज्य सिद्ध स्थल पर दिगंबर जैन समाज का मंदिरों के अतिरिक्त धर्म प्रभावना का कोई अन्य ऐसा माध्यम नहीं है जो उन्हें आकर्षित एवं प्रभावित कर जैन धर्म का बोध करा सके। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए गुणायतन का निर्माण किया जा रहा है, इस प्रणम्य स्थल की छांव में – तीर्थराज की पावन भूमि का स्पर्श और गुणायतन का आकर्षक अवलोकन जैन सिद्धांतों के वैज्ञानिक चिंतन को नई दृष्टि देगा। वस्तुतः सिद्धभूमि के इस प्राण वायु में हम भावों से साक्षात सिद्धरोहण कर सकेंगे, तीर्थराज की वंदना की प्रयोजन सिद्धि में मील का पत्थर सिद्ध होगा यह गुणायतन......
गुणायतन कहाँ ?